रॉयल एनफ़ील्ड के 5० रोचक तथ्य

रॉयल एनफ़ील्ड के 5० रोचक तथ्य

हमारे भारत देश में हर कम्पनी और ब्रांड की मोटर बाइक्स मिलती है. एक से बढकर एक और नई नई आधुनिकतम तकनीक से लैस मोटर बाइक्स बाज़ार में आ रही है. कई बार तो हम असमंजस की स्थिति में होते है कि कौन सी बाइक ले और कौन सी ना ले. लेकिन इतनी तरह की मोटर बाइक्स उपलब्ध होने के बावजूद भी रॉयल एनफ़ील्ड के जैसी कोई भी बाइक आज भी भारतीय बाज़ार में उपलब्ध नहीं है. रॉयल एनफ़ील्ड एक बहुत ही शानदार और भारी भरकम बुलेट की श्रेणी में आती है. रॉयल एनफ़ील्ड बुलेट दिखने और चलने मे जितनी शानदार है उतना ही शानदार इसका इतिहास भी है. साल दर साल इसके नए नए मॉडल बाज़ार में उन्नत तकनीक के साथ आ रहे है. पहले तो रॉयल एनफ़ील्ड बुलेट्स सिर्फ काले रंग में ही आता था लेकिन आजकल बाज़ार में ये बुलेट्स कई रंगों में उपलब्ध है. आजकल सभी के पास मोटर बाइक का होना बहुत ही आम बात है लेकिन रॉयल एनफ़ील्ड हर किसी के पास नहीं होती है और तो और इसे चलाने का मजा ही कुछ और है. दोस्तों आज हम आपको रॉयल एनफील्ड से सम्बंधित ऐसी दिलचस्प बाते बताने जा रहे है जिसे जानकर आप हैरान रह जायेंगे. सबसे पहले शुरुआत हम इसके इतिहास से करेंगे:-

इतिहास

“तोप की तरह दिखने वाली, गोली की तरह चलने वाली”

रॉयल एनफ़ील्ड कंपनी की शुरुआत सबसे पहले एक साइकिल निर्माता कंपनी के मालिक ने भारतीय व्यापारी के साथ मिलकर की थी. इस साइकिल निर्माता कंपनी का नाम “पैरीज साइकिल कंपनी” था और इसके मालिक का नाम एलबर्ड ईडी था. एलबर्ड ने १८९० में अपने दोस्त आर डब्ल्यू स्मिथ के साथ मिलकर साइकिल कंपनी की शरुआत की. दोस्तों क्या आप जानते है लंदन में एक जगह ऐसी है जिसका नाम एनफ़ील्ड है और इसी जगह के नाम पर एलबर्ड ने अपनी कंपनी का नाम एनफ़ील्ड मेनुफेक्चरिंग लिमिटेड रखा.

  1. रॉयल एनफ़ील्ड की स्थापना सन १९५५ में हुई थी और ये बुलेट दुनिया की सबसे पुरानी बाइक कंपनियों में से एक है.

 

  1. सन १९९४ में आयशर ग्रुप ने रॉयल एनफ़ील्ड का अधिग्रहण कर लिया और इसका मुख्यालय चेन्नई में स्थापित किया.

 

  1. अपने शुरूआती दौर में रॉयल एनफ़ील्ड रुसी सरकार के लिए काम करती थी और रुसी सरकार को ये बुलेट्स युद्ध के लिए बाइक्स बना कर देती थी.

 

  1. रॉयल एनफ़ील्ड कंपनी के व्यापार की शुरुआत हथियार बनाने वाली कंपनी के रूप में किया था और इसने रॉयल राइफल के नाम से अपनी रायफल्स को बाज़ार में उतारा था.

 

  1. जब रॉयल एनफ़ील्ड ने अपनी पहली बुलेट को बाज़ार में उतारा तब उसने अपनी बुलेट का उपनाम “तोप की तरह दिखने वाली, गोली की तरह चलने वाली” रखा. और इसका प्रतीकात्मक चिन्ह भी एक तोप ही था.

 

  1. सीमा पर और उबड़ खाबड़ रास्तो और पहाड़ो पार भारतीय सेना के गश्ती के लिए भारत सरकार ने अपनी सेना को सन १९६५ में रॉयल एनफ़ील्ड बुलेट मुहैय्या कारवाई.

 

  1. रॉयल एनफ़ील्ड की शुरूआती बुलेट्स का इंजन ६५०सीसी से ७००सीसी का आता था लेकिन पर्याप्त मात्रा में इसकी मांग ना होने की वजह से इसका निर्माण बंद कर दिया गया.

 

  1. सन १९५५ में रॉयल एनफ़ील्ड का ३५०सीसी का मॉडल बाज़ार में उतारा गया. इस मॉडल को बाज़ार में जबरदस्त लोकप्रियता हासिल हुई और लोगो ने इस बुलेट को हाथो हाथ लिया. तब से लेकर आज तक इस मॉडल ने बाज़ार में अपनी पकड़ बना के रखी है.

 

  1. इसकी लोकप्रियता और सफलता को देखते हुए ५००सीसी के बुलेट्स को भी बाज़ार में उतारा गया जो कि आज भी सफलतापूर्वक बाज़ार में अपनी धाक जमाये हुए है.

 

 

  1. रॉयल एनफ़ील्ड ने हमेशा ही नए नए प्रयोग किये है. सन १९९० में डीज़ल से चलने वाली रॉयल एनफ़ील्ड भी बाज़ार में आ चुकी है जिसे कि टॉरस के नाम से उतारा गया था लेकिन इस मोटर साइकिल को ज्यादा सफलता और लोकप्रियता नहीं मिल पाई और सन २००२ में इसके निर्माण को बंद कर दिया गया.

 

  1. रॉयल एनफ़ील्ड का एक मॉडल ऐसा भी था जिसमे की साइड कार लगी होती थी. आप सभी ने ये मॉडल ७० के दशक की फिल्म शोले में देखा होगा. उससे भी पहले इस मॉडल का इस्तेमाल प्रथम विश्वयुद्ध में सेना के द्वारा किया जाता था.

 

  1. दोस्तों क्या आप जानते है कि रॉयल एनफ़ील्ड की पेट्रोल की टंकी चेन्नई के दो कलाकारों द्वारा हाथ से पेंट किया जाता है. है न ये मजेदार.

 

  1. भारत में रॉयल एनफ़ील्ड ही एकमात्र सबसे पहली ऐसी कंपनी थी जिसने कि ४ इंजन स्ट्रोक का इस्तेमाल किया था.

 

  1. क्या आप जानते है भारत में दो चक्का बाइक्स में डिस्क ब्रेक के चलन की शुरुआत भी रॉयल एनफ़ील्ड ने ही की थी.

 

  1. रॉयल एनफ़ील्ड सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि विदेशो में भी मोटरसाइकिलो का निर्यात करता है जैसे कि अमेरिका, जापान, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और भी अन्य देश है जहाँ पर इन बाइक्स का सफलतापूर्वक निर्यात किया जाता है.

 

  1. दोस्तों आप सभी ने हार्ले डेविडसन बाइक के बारे देखा सुना तो होगा ही. क्या आप जानते है रॉयल एनफ़ील्ड से सम्बंधित सबसे दिलचस्प और मजेदार बात ये है कि दुनियाभर में जितनी हार्ले डेविडसन बाइक्स नहीं बिकी होंगी उससे कही ज्यादा रॉयल एनफ़ील्ड बुलेट की बिक्री हुयी है.

 

  1. भारत में आज के समय में सबसे ज्यादा रॉयल एनफ़ील्ड बुलेट्स ही चलाई जाती है और जिस देश ने इन बुलेट्स का उत्पादन शुरू किया था वहा अब इन बुलेट्स का उत्पादन बंद हो चुका है.

 

  1. भारत में रॉयल एनफ़ील्ड का पागलपन और जूनून इस हद तक बढ़ चुका है कि इसको खरीदने के लिए करीब ६ महीने पहले ही इसकी अग्रिम बुकिंग करवाई जाती है.

 

  1. रॉयल एनफ़ील्ड दिखने और चलने में जितनी दमदार और शानदार होती है उससे भी कही अधिक ये अपनी दमदार आवाज़ के लिए प्रसिद्ध है.

 

  1. सबसे मजेदार बात तो ये है कि यदि भारत में आज भी कोई इन बुलेट्स में निकलता है तो उसे बड़े ही दम-ख़म वाले व्यक्ति के रूप में देखा जाता है और उसे आदर भी उतना ही दिया जाता है.

 

  1. एक समय पर रॉयल एनफ़ील्ड बुलेट्स पुलिस के जवानों द्वारा भी इस्तेमाल किया जाता था लेकिन आज ये बुलेट्स युवाओं की पहली पसंद बन चुकी है.

 

  1. रॉयल एनफ़ील्ड की क्लासिक ३५० भारत में काफी सालो से चल रही है. इसके मजबूत बड़े पहिये और लम्बा व्हील बेस बुलेट को सडको पर संतुलन और बेहतर पकड़ बनाने में मददगार साबित होते है. जब बुलेट चले तो दुनिया रास्ता दे ये बात तो सिर्फ और सिर्फ रॉयल एनफ़ील्ड पर ही जमती है.

 

  1. रॉयल एनफ़ील्ड की इलेक्ट्रा ट्विनस्पार्क में यूनिट कंस्ट्रक्शन इंजन होता है जो कि बाइक सवार को बेहतर माइलेज देता है.

 

  1. रॉयल एनफ़ील्ड की क्लासिक ५०० एक जबरदस्त पावरफुल इंजन के साथ बाज़ार में आई है. इसका इंजन ५००सीसी का होता है. इसमें ट्विनस्पार्क इग्निशन वाला इंजन होता है.

 

  1. रॉयल एनफ़ील्ड की क्लासिक क्रोम में भी ५००सीसी का इंजन लगा हुआ है. ये मॉडल क्लासिक ५०० से काफी मिलता जुलता है. कंपनी का ये दावा है कि क्लासिक क्रोम युद्ध में तैनात ब्रिटिश सेना को उनकी तरफ से एक श्रद्धांजलि है.

 

  1. रॉयल एनफ़ील्ड की स्क्वाड्रन क्लासिक ब्लू बुलेट सम्पूर्ण रूप से वायुसैनिको को समर्पित मोटरसाइकिल है. इसमें ४९९सीसी का इंजन लगा होता है. जो कि २७.२० बीएचपी की उर्जा पैदा करता है.

 

  1. रॉयल एनफ़ील्ड की क्लासिक बैटल ग्रीन मोटरसाइकिल भी बाज़ार में आई है जिसे देख कर हमें हॉलीवुड की फिल्मे याद आ जाती है जिसमे इस तरह की बुलेट्स को द्वितीय विश्व युद्ध में सैनिको द्वारा इस्तेमाल किया जाता है.

 

  1. रॉयल एनफ़ील्ड की क्लासिक डेज़र्ट स्टॉर्म भी युद्ध में इस्तेमाल की जाने वाली मोटरसाइकिल की तर्ज पर बनाई गई है. इसमें सिंगल सिलेंडर एयर कुल्ड इंजन लगा होता है.

 

  1. रॉयल एनफ़ील्ड की थंडरबर्ड ३५० भी आजकल बाज़ार में धूम मचाये हुए है. इसमें ३५०सीसी का पावरफुल इंजन लगा हुआ है. ये बुलेट कुछ नए दृश्य के साथ बाज़ार में आई है. इसमें एलईडी टेल लैम्प्स के अलावा २० लीटर का टैंक और डिजिटल मीटर कंसोल भी लगाया गया है.

 

  1. रॉयल एनफ़ील्ड की थंडरबर्ड ५०० युवाओं में सबसे ज्यादा लोकप्रिय बुलेट है. बहुत ही कम समय में ये बुलेट युवाओं की पहली पसंद बन चुकी है. इसमें ५००सीसी का दमदार इंजन होता है. ये मोटरसाइकिल जितनी खूबसूरत दिखती है उतना ही दमदार इसका प्रदर्शन भी होता है.

 

  1. रॉयल एनफ़ील्ड की कॉन्टिनेंटल जीटी७५० को बाज़ार में उतरे हुए अभी ज्यादा समय तो नहीं हुआ है लेकिन इस बुलेट को युवाओं और बाइक के शौक़ीन लोगो ने पूरी तरह से नकार दिया है और उसका कारण है इसकी कीमत जो कि रॉयल एनफ़ील्ड की दुसरे बुलेट्स के मुकाबले बहुत महंगी है. हालांकि ये वजन में बहुत हलकी होती है और रफ़्तार में बहुत ही तेज़ होती है लेकिन इसका माइलेज बहुत ही धासु है.

 

  1. रॉयल एनफ़ील्ड की हिमालयन बुलेट अभी हाल ही में बाज़ार में आई है जो पूरी तरह से भारत में निर्मित बाइक है. इसमें ४११सीसी का एयर एंड आयल कूल्ड सिंगल सिलेंडर लगा हुआ है. इसके इंजन से २४.८०पीएस तक की उर्जा और ३२एनएम् का टॉर्क पैदा होता है.

 

  1. अभी हाल ही में रॉयल एनफ़ील्ड ने यूके बेस्ड कस्टम कंपनी सिनरोजा मोटरसाइकिल के साथ मिलकर दो बाइक्स को कस्टमाईज किया है. जिन दो बाइक्स को मिलाकर एक नई बाइक का रूप दिया गया है वो है हिमालयन बाइक और कोंटीनेंटल जीटी. और तो और रॉयल एनफ़ील्ड और सिनरोजा के सहयोग से बनी इस बाइक को सर्फ़ रेसर और हिमालयन बाइक को जेंटलमैन ब्रेट नाम दिया है.

 

  1. अभी हाल ही में आई फिल्म बाहुबली की भी बहुत चर्चा रही है. इस फिल्म में फिल्म के मुख्य खलनायक भल्लालदेव ने युद्ध के दौरान एक विशेष प्रकार के रथ का उपयोग किया है और उस रथ को घोड़े खीच रहे होते है. दरअसल सच्चाई ये है कि उस रथ को घोड़े नहीं बल्कि रॉयल एनफ़ील्ड के शक्तिशाली इंजन खींच रहे थे. है न मजेदार .

 

  1. क्या आप जानते है भारत में रॉयल एनफ़ील्ड के ४ इंजन उपलब्ध है – ३५०सीसी, ५००सीसी, ५३५सीसी और ४११सीसी.

 

  1. यदि बिक्री के लिहाज से देखा जाए तो अप्रैल माह रॉयल एनफ़ील्ड के लिय बहुत ही खास रहा है. सिर्फ अप्रैल माह में ही इसकी बिक्री ४२% की बढोत्तरी हुई है और इसने सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए ४८,१९७ वाहन बेचे.

 

  1. हाल ही में आई रॉयल एनफ़ील्ड की हिमालयन बाइक को एक एडवेंचर्स टूर बाइक के तौर पर बाज़ार में उतरा गया है. जो कि पूरी तरह से उबड़-खाबड़ और गड्डों से भरी सड़कों को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है.

 

  1. रॉयल एनफ़ील्ड ने अभी हाल ही में घोषणा की है कि उनकी उत्पाद विकास शाखा और दो शोध एवं विकास केंद्र तथा भारत और ब्रिटेन में निर्माण इकाइयों के विस्तार के लिए ६०० करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बनाई है.

 

  1. मई के आकड़ो को देखा जाए तो रॉयल एनफ़ील्ड ने इस महीने भी बिक्री के सारे रिकॉर्ड तोड़ डाले थे. मई २०१७ में रॉयल एनफ़ील्ड ने करीब ६०००० वाहन बेचे थे जो कि अपने आप में एक सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड है.

 

  1. एक और दिलचस्प बात ये है कि रॉयल एनफ़ील्ड आयशर मोटर्स का ही हिस्सा है और कंपनी का उद्देश्य अगस्त २०१७ तक एक नए संयंत्र की स्थापना करना है जिसका लक्ष्य वित्त वर्ष २०१७-१८ में तकरीबन ८.२५ लाख मोटरसाइकिल्स का उत्पादन करना है.

 

  1. वित्त वर्ष २०१६-१७ में रॉयल एनफ़ील्ड कंपनी ने करीब करीब १,७८,३४५ मोटरसाइकिल्स की बिक्री की थी जो कि इसके पिछले वित्त वर्ष २०१५-१६ से भी ज्यादा थी.

 

  1. आयशर मोटर्स के मुनाफे में ६२.७% की बढ़ोत्तरी हुई है जिसमे सबसे ज्यादा प्रतिशत तो रॉयल एनफ़ील्ड का है.

 

  1. एक समय ऐसा भी था जब रॉयल एनफ़ील्ड बुलेट्स की मांग इतनी ज्यादा थी कि कंपनी समय पर इसकी आपूर्ति नहीं करा पा रही थी जिसके फलस्वरूप इसकी बिक्री में गिरावट भी दर्ज की गई थी.

 

  1. आज के समय में रॉयल एनफ़ील्ड की मांग में इतनी जबरदस्त तेजी आ चुकी है कि लोग आज इसकी बुकिंग करवाकर ६ से ८ महीने तक का भी इंतज़ार करने को तैयार है.

 

  1. ज्यादा से ज्यादा बिक्री बढ़ाने के लिए कंपनी हर महीने ३ से ४ डीलर बढ़ा रही है. इस समय कंपनी के डीलरो की संख्या १८० के करीब है.

 

  1. रॉयल एनफ़ील्ड कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष में तकरीबन २५०० वाहन विदेशो में बेचे थे और १२५ से ५००सीसी इंजन वाली रॉयल एनफ़ील्ड ब्रिटेन की शीर्ष मोटरसाइकिल ब्रांड बन चुकी थी.

 

  1. बिक्री बढाने के लिए रॉयल एनफ़ील्ड कंपनी बाइक के साथ में सहायक सामग्री के रूप में राइडिंग जैकेट, राइडिंग जूते, चश्मे, हेलमेट, पैंट, रेनकोट, कीचैन, बैग भी दे रही है.

 

  1. पिछले वित्त वर्ष से अब तक के वित्त वर्ष के आकड़ो को देखा जाए तो रॉयल एनफ़ील्ड की बिक्री में ५०% की वृद्धि हुई है.

 

  1. यूँ तो रॉयल एनफ़ील्ड के सभी मॉडल्स ने देशी और विदेशी दोनों ही बाजारों में जबरदस्त धूम मचा के रखी है लेकिन रॉयल एनफ़ील्ड की क्लासिक सीरीज की बाइक्स का तो जवाब ही नहीं है. क्लासिक ३५० और क्लासिक ५०० की मांग लगभग सभी देशो में है और यही बाइक्स ऐसी है जो कि बाज़ार में अपनी पकड़ अब तक बनाये हुए है.

 

  1. यदि लन्दन से लेकर भारत तक के अब तक के रॉयल एनफ़ील्ड के उत्पादन के दृष्टिकोण से देखा जाये तो रॉयल एनफ़ील्ड ही एकमात्र ऐसी बुलेट है जिसका जिसका उत्पादन अब तक हो रहा है. जबकि क्लासिक३५० सन १९५५ से लेकर अब तक चलने वाला सबसे लम्बा और पुराना मोटरसाइकिल ब्रांड है.

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रॉयल एनफ़ील्ड के 5० रोचक तथ्य was last modified: December 20th, 2017 by जनहित में जारी

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6 thoughts on “रॉयल एनफ़ील्ड के 5० रोचक तथ्य

  • umda lekh….love you Royal Enfield…

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  • बहुत ही उच्च कोटि की जानकारी है , मई रॉयल एनफील्ड के शोरूम में २० साल से हूँ, इतनी जानकारी कंपनी ने हमे भी नहीं दी है| जनहितमेजारी टीम को शुभकामनाये

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  • Thank you,
    I’ve recently been searching for information approximately about Royal Enfield for my age and yours is the greatest I’ve came upon so far. Great Information

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  • Where is diesel bullet?

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  • I am likely royal enfild bike my bike 1993 old model 350cc my bike my jaandar bike 97998959b27

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