GST Composition Scheme Rate and Rule in Hindi – जी एस टी या वस्तु एवं सेवा कर

वस्तु एवं सेवा कर (GST) भारत की नई अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax) व्यवस्था है, जिसका उद्देश्य देश में किसी वस्तु की खरीद अथवा सेवा के उपभोग पर लगने वाले अन्य सभी प्रकार के करों को हटाकर मात्र एक कर प्रणाली स्थापित करना है। यह नई कर व्यवस्था 1 जुलाई 2017 से देश में लागू हो चुकी है। जीएसटी एक बहु स्तरीय टैक्स व्यवस्था है।

सर्वप्रथम जिनका टर्नओवर 20 लाख से कम (Annual Turnover less than 20 Lacs) है वो जीएसटी के दायरे में नहीं आते हैं, उनको किसी भी प्रकार का रिटर्न भरने की जरूरत नहीं है।

कम्पोजिशन स्कीम (Composition Scheme under GST)

यदि किसी व्यापारी/सप्लायर की कैटेगरी कम्पोजिशन स्कीम के दायरे में है तो उन्हें प्रत्येक माह रिटर्न भरने की आवश्यकता नहीं है जबकि उन्हें तीन माह का एक रिटर्न भरना होता है। कम्पोजिशन स्कीम वालों के लिए जीएसटीआर 4 GSTR-4 फार्म की सहायता से जीएसटी रिटर्न भरना होगा। जिसमें उन्हें बेचे गये कुल माल की जानकारी देनी होगी अर्थात प्रत्येक बिल के अनुसार जानकारी ना देकर कुल तीन महिनों में बेचे गये माल की जानकारी देनी होगी, और उसी के अनुरूप खरीदे गये माल की जानकारी स्वतः ही पोर्टल पर आ जायेगी जिसका मात्र उनको सत्यापन करना है। इस प्रक्रिया के लिए अगले माह की 18 तारीख अंतिम तिथि रहेगी। अर्थात यदि आप जुलाई, अगस्त और सितम्बर का रिटर्न भर रहें है तो 18 अक्टूबर उसकी अंतिम तिथि रहेगी।

इसके बाद बात करते है B2C अर्थात बिजनेस टू कन्ज्यूमर में सौदा करने वाले व्यापारियों की, इस श्रेणी में वे व्यापारी आते हैं जो सीधे कन्ज्यूमर को माल बेचते है।

जीएसटी से रजिस्टर्ड प्रत्येक B2C करयोग्य व्यक्ति को अगले माह की 10 तारीख तक ‘जीएसटी आर-1’ GSTR-1 फार्म जो कि एक बाहरी आपूर्ति फार्म है दाखिल करना होगा। जिसमें टैक्स रेट के अनुसार बेचे गये माल का ब्यौरा देना है, अन्य शब्दों में उनको ये बताना है कि 12 प्रतिशत जीएसटी दर का माल कितना बेचा, 18 प्रतिशत दर का कितना माल बेचा और इसी तरह अन्य दरों पर कुल कितना माल उन्होंने बेचा है। यह डिटेल उन्हें प्रत्येक माह देनी होती है, जिसकी अंतिम तिथि अगले माह की 10 तारीख होती है।
उपर्युक्त प्रक्रिया करने के पश्चात 11 तारीख को, आंतरिक आपूर्तियां प्राप्तकर्ता को जीएसटीआर-1ए GSTR-1A में स्वतः भरी दिखेगी जिसमें उसी माह की 15 तारीख तक वांछित परिवर्तन या संशोधन किया जा सकता है। जिन्होंने व्यापारी को माल बेचा वो अपने जीएसटी रिटर्न में उसे बेचे गये माल का ब्यौरा दिखायेंगे जो उसे जीएसटीआर1ए में स्वतः दिखायी देंगी तो व्यापारी को मात्र यह सत्यापन करना है कि वह सभी आंकड़े सही है जिसे जीएसटी आर 2 में प्रस्तुत किया जा सकता है। जीएसटीआर2 GSTR2 की अंतिम तिथि अगले माह की 15 तारीख होती है। अर्थात यदि आप नवम्बर का रिटर्न भर रहें है तो दिसम्बर माह की 15 तारीख तक आपको जीएसटी आर2 दाखिल करना है।
उसके बाद फाइनल रिटर्न के रूप में 20 तारीख तक जीएसटी आर 3 भरना होता है। इस फार्म में आपके समक्ष स्वतः भरा रिटर्न जीएसटी आर3 भुगतान सहित दाखिल करने हेतु उपलब्ध होगा। जिसमें आपने कितना जीएसटी का भुगतान किया और आपको कितना करना था इससे सम्बन्धित जानकारी मिलेगी, जिसे आपको वेरिफाई करके सबमिट करना होता है।

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बी2बी और बी2सी दोनों (B2B and B2C both)

इस श्रेणी में वे लोग है जो या तो बी2 बी काम कर रहें है अथवा बी2 बी भी कर रहें है और बी2सी भी कर रहें है जिसमें आपका माल राज्य के बाहर बेचा जा रहा हो और बिल का आंकडा 2.5 लाख या अधिक हो। इस कैटेगरी के लोगों को बिक्री की बिल के अनुसार डिटेल देनी होती है। इसके अलावा टैक्स दर के अनुसार संक्षिप्त विवरण भी देना होगा। इसके अलावा यदि आप अलग अलग राज्यों में सीधे कन्ज्यूमर को माल बेच रहें है और उसकी कीमत 2.5 लाख से कम है तो आपको प्रत्येक राज्य में कितना माल बेचा और किस किस जीएसटी दर का माल बेचा उसकी संक्षिप्त जानकारी देनी होगी।

ये सारी डिटेल आपको जीएसटीआर 1 में प्रत्येक माह की 10 तारीख को देनी होगी और साथ ही जीएसटीआर2 व जीएसटीआर 3 भी बी2सी के अनुसार भरना होगा।

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GST Composition Scheme Rate and Rule in Hindi – जी एस टी या वस्तु एवं सेवा कर was last modified: January 17th, 2018 by जनहित में जारी

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