पतली दस्त और मरोड़ का सबसे सरल और सफल घरेलू रामबाण उपचार

क्या आप दस्त से छुटकारा पाने के लिए कोई तेज़, असरदार और प्राकृतिक उपाय ढूँढ रहे है ? आज मैं आपको बताने जा रहा हूँ कि दस्त से छुटकारा पाने का सबसे प्रभावी घरेलू नुस्खा जो कि आसानी से उपलब्ध भी होता है और बच्चों के साथ-साथ बड़ों के लिए भी सुरक्षित होता है.

दस्त के लक्षणों को ही डायरिया के नाम से जाना जाता है जिसमे हमारे शरीर के सभी विषैले और हानिकारक संक्रमित तत्व बाहर निकल जाते है जो कि लम्बे समय से हमारे शरीर में एकत्रित हो जाते है. जब सभी विषैले तत्व हमारे शरीर से बाहर निकल जाते है तत्पश्चात हमारे शरीर के सभी अवयव साधारण रूप से काम करना शुरू कर देते है. अपने शरीर में जल स्तर को बनाए रखने के लिए इस दौरान आपको जलयुक्त पेय पदार्थ लेते रहना होगा  जब तक कि आप मलत्याग के लिए बार-बार जाते रहते है. दस्त के कारण आपके शरीर में पानी की जबरदस्त कमी आ जाती है. इससे पहले कि हम दस्त की रोकथाम के घरेलु उपायों के बारे में जाने उससे पहले हम दस्त और उसके कारणों पर चर्चा करेंगे.

दस्त की शिकायत सबसे ज्यादा बच्चों में ही होती है क्योकि दस्त पानी की कमी से होता है और बच्चें बहुत ही कम पानी पीतें है. दस्त के कारण पेट में दर्द, कमजोरी और बुखार जैसी समस्याएं होने लग जाती है. वैसे तो दस्त होने के बहुत से कारण होते है लेकिन कुछ मुख्य कारण ऐसे है जिनसे दस्त की शिकायत सबसे ज्यादा होती है. जैसे कि ख़राब खाना खाने से हुई बिमारी की वजह से, पाचन तंत्र का गड़बड़ होना, किसी दवा से एलर्जी होना, अत्यधिक शराब और सिगरेट का सेवन, तनाव और असमय खानपान, और सबसे महत्वपूर्ण कम पानी पीना. हमारी उपरोक्त दिनचर्या के फलस्वरूप ही दस्त की शिकायत होती है.

अब हम आपको बताएँगे कि वो कौन से लक्षण है जब हमें दस्त की शिकायत होती है. बार-बार शौच के लिए जाना, रह-रहकर पेट में दर्द या मरोड़ होना, तेज़ बुखार, वज़न का गिरना, कभी-कभी दस्त के दौरान रक्तस्राव का होना, पेट में वायु विकार होना. उपरोक्त सभी लक्षण इस बात की तरफ इशारा करते है कि आप दस्त की समस्यां से ग्रस्त है. वैसे तो ये कोई गंभीर बिमारी नहीं है परन्तु सही उपचार ना करने पर जानलेवा परिणाम भी देखे गए है. 

दस्त की रोकथाम के लिए कुछ घरेलु उपाय जिससे कि आप दस्त से जल्दी से छुटकारा पा सकते है.

  • यदि आपका दस्त नियंत्रित नहीं हो रहा है तो आप एक कप दूध में आधे कटे नीम्बू की कुछ बूंदों को निचोड़कर डाल दे और अच्छी तरह से मिला ले. दस्त के दौरान इस मिश्रण को दिन में ५ बार लेते रहे. दस्त में ये घरेलु नुस्ख़ा बहुत ही ज्यादा कारगर साबित होता है. सरल शब्दों में कहा जाएँ तो ये नुस्ख़ा दस्त के लिए रामबाण दवा है.
  • दस्त में सरसों का नुस्ख़ा भी कारगर साबित हुआ है. सरसों में कीटाणु निरोधक तत्व पायें जाते है जो कि दस्त की रोकथाम में मदद करते है. एक चौथाई चाय के चम्मच बराबर सरसों के दानों को एक बड़े चम्मच के बराबर पानी में १ घंटे तक भिगोकर रखें. अब इस पानी को दिन में दो से तीन बार दवाई की तरह पीतें रहे. आपका दस्त झटपट रफूचक्कर हो जाएगा.
  • दस्त की रोकथाम में निम्बू भी एक अच्छा नुस्ख़ा है. निम्बू में सिट्रिक एसिड होता है जो आपके पेट की सारी गन्दगी को हटाकर आपका पेट साफ़ कर देता है. सबसे पहले तो एक अच्छा पका हुआ रसदार निम्बू ले और इसे अच्छी तरह से निचोड़कर पूरा रस निकाल ले. अब इस रस में एक चाय के चम्मच बराबर नमक और एक बड़ा चम्मच शक्कर मिलाकर अच्छी तरह से मिला ले. अब इस घोल को हर १-१ घंटे में पीतें रहे. आपको दस्त में तुरंत ही आराम मिलेगा. बेहतर परिणाम के लिए दस्त के रुकने के बाद भी कम से कम १-२ दिन तक इस घोल को दवा की तरह लेते रहे ताकि आपका पेट अच्छी तरह से साफ़ होकर अच्छे से काम करता रहे.

  • अनार भी दस्त में अच्छा आराम देता है. यदि किसी भी व्यक्ति को दस्त की शिकायत बार होती है तो उसे अनार का सेवन करना चाहिए. दस्त में अनार के दानों को अच्छी तरह से चबा-चबा कर खाएं. दस्त में बहुत ही जल्द आराम मिलेगा. लेकिन ध्यान रहे कि दिन भर में २ अनार से ज्यादा ना खाएं. एक बात और अहम् है कि आप चाहे तो अनार का रस पुरे दिनभर में ३ बार ले सकते है. इसके अलावा आप अनार के पत्तो को गरम पानी में उबालकर उसके पानी का सेवन भी कर सकते है. दस्त ऐसे गायब होगा जैसे कि कभी हुआ ही नहीं था.

 

  • मैथी का घरेलु नुस्ख़ा तो दस्त का अचूक उपाय है. मैथी में कीटाणु निरोधक और कवक निरोधक गुण होते है. मैथी के दानों को अच्छी तरह से पीसकर पावडर बना ले. दस्त की शिकायत होने पर २ चाय के चम्मच बराबर मैथी पावडर को १ गिलास पानी में अच्छी तरह से मिला ले और इसका कम से कम २-३ दिन तक सेवन करे.

 

  • शहद में बहुत सारी बीमारियों को जड़ से ख़तम करने की ताक़त होती है. यदि शहद अच्छी गुणवत्ता वाला है तो और भी बेहतर होगा. एक चम्मच शहद में आधा चम्मच दालचीनी का पावडर मिलाएं. अब इस मिश्रण को गुनगुने पानी के साथ सुबह खली पेट लें. इस मिश्रण को आप १-२ बार और ले सकते है. आप देखेंगे कि आपका दस्त १ दिन में ही भाग खड़ा होगा.

 

  • छाछ तो सबसे उत्तम स्वास्थ्यवर्धक पेय में शामिल होता है. दस्त होने पर १ गिलास छाछ में १ चम्मच नमक, थोडा सा जीरा पावडर और काली मिर्च को अच्छी तरह से मिलाकर उसका सेवन करें. इससे दस्त में अच्छा ख़ासा आराम मिलेगा. वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यदि आप नियमित रूप से भोजन के साथ या भोजन के बाद छाछ पीते है तो आपको कभी भी दस्त या पेट से सम्बंधित कोई भी बीमारी नहीं होगी.

 

  • यदि आपको बार-बार दस्त हो रहे है तो आपने गौर किया होगा कि आपके शरीर में पानी की कमी हो जाती है. ऐसी दशा में पानी का सेवन बंद ना करे. दस्त होने की दशा में भी भरपूर पानी पीते रहे. आप फलों का रस भी ले सकते है. नारियल पानी पीने से भी दस्त में आराम मिलता है.

 

  • पेट दर्द या पेट से संबधित रोगों में पुदीना रामबाण दवा की तरह असरदार होती है. पुदीना में कीटाणु निरोधक गुण होते है जो पेट के पाचन तंत्र को सुचारू रूप से कार्य करने में मदद करती है. खाना खाने के बाद पुदीने की पत्तियों को अच्छी तरह से चबा-चबाकर खाएं. पुदीने की ताज़ा हरी पत्तियों को पीसकर इसका रस निकाल लें. अब इस रस में १ चम्मच शहद और १ चम्मच निम्बू का रस मिलाएं. अब इस नुस्ख़े को पुरे दिन भर में २ से ३ बार लेते रहे. आपको भरपूर आराम मिलेगा.

 

  • अदरक में भी कीटाणु निरोधक और कवक निरोधक गुण होते है. १ कप छाछ में आधा चम्मच सूखे अदरक का पावडर मिला लें. अब इस मिश्रण को दिन में २ से ३ बार पीतें रहे.

  • इसके अलावा आप जड़ी-बूटी से निर्मित चाय भी पी सकते है. दूध से बनी हुई वस्तुओं के सेवन से बचें. आप केला और दही मिलाकर भी खा सकते है. भूख लगने पर दलिया की पतली खिचड़ी बना कर खाएं. ज्यादा तेल और मिर्च-मसालें की चीजें खाने से बचे. खूब पानी पियें.

 

दोस्तों उपरोक्त निर्दिष्ट उपायों को अमल में लाकर आप दस्त से छुटकारा पा सकते है. वैसे तो इस लेख में बताये गए सभी घरेलु उपाय अचूक और फायदेमंद है. साथ ही साथ इन दवाओं को बनाने में लगने वाली सामग्री भी आसानी से उपलब्ध हो जाती है फिर भी यदि आपको दस्त में आराम नहीं मिलता है तो तुरंत ही किसी चिकित्सक से इलाज करवाएं.     

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पतली दस्त और मरोड़ का सबसे सरल और सफल घरेलू रामबाण उपचार was last modified: September 18th, 2017 by जनहित में जारी

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