फिजिट स्पिनर (Fidget Spinner)
दोस्तों फिजिट स्पिनर आजकल भारत में सुर्खियां बटौर रही है। बच्चों के साथ बड़े भी इस खिलौने के दीवाने होते नजर आ रहे है, इस लेख के माध्यम से हम आपको बताऐंगे क्या होता है फिजिट स्पिनर, क्या ये वास्तव में व्यक्ति को तनावमुक्त कर मानसिक शक्ति बढ़ाता है, नहीं तो क्या नुकसान है इस खिलौने के? इन सब बातों पर आज हम चर्चा करेंगे।
क्या होता है फिजिट स्पिनरः
मित्रों! विकिपीडिया के अनुसार फिजिट स्पिनर नामक इस टॉय की खोज अमेरिका की एक महिला Catherine Hettinger ने की थी। Catherine Hettinger ने सन् 1993 में इस खिलौने को पेटेंट कराने हेतु आवेदन दिया था, जिसकी वैधता वर्ष 2005 में समाप्त हो गयी, जिसके बाद दुनियाभर की कम्पनियों ने इसका निर्माण प्रारम्भ कर दिया।
फिजिट स्पिनर की तीन भुजाऐं होती है जो एक बॉल बैरिंग से जुड़ी होती है, और उस बैरिंग को पकड़कर उसे घूमाया जाता है। यह खिलौना प्लास्टिक, तांबा, स्टील या लोहे का बना हो सकता है। वर्तमान में हजारों डिजायनों और अलग अलग रंगों के फिजिट स्पिनर उपलब्ध फिजिट स्पिनर ने बाजार में धूम मचा रखी है। मात्र 20 रूपये से प्रारम्भ होकर 20000 तक के फिजिट स्पिनर मार्केट में ऑनलाइन एवं ऑफलाइन उपलब्ध है।
फिजिट स्पिनर के फायदे
पिछले कुछ माह से भारत सहित दुनिया के कई देशों में यह खिलौना बेहद पसन्द किया जा रहा है, बच्चों के साथ साथ बड़े भी इसको अपनी उंगलियों पर गोल गोल घुमाने के लिए लालायित रहते है।
फिजिट स्पिनर बनाने वाली कुछ कम्पनियों के अनुसार ये डिवाइस/ टॉय मनुष्य की एकाग्रता बढ़ाता है एवं तनाव कम करता है तथा बच्चों में आॅटिज्म नामक बीमारी का इलाज करता है। यह भी कहा जाता है कि यह खिलौना स्मरण शक्ति को बढ़ाकर, जिनका ध्यान बार बार डाइवर्ट होता है ऐसे व्यक्तियों को एकाग्रचित बनाता है। हालांकि इसकी कोई वैज्ञानिक पुष्टि नहीं हुई है। फिजिट स्पिनर का आविष्कार करने वाली Catherine Hettinger ने भी कहा है कि यह बच्चों को व्यस्त रखने के लिए बनाया गया है ना कि किसी मानसिक बीमारी को ठीक करने के लिए, लेकिन ये तो तय है कि इसकी दीवानगी ने बच्चों की मोबाइल फोन से कुछ दुरी बढ़ाई है।
अन्य आवश्यक जानकारीः
वर्तमान में कई एंड्रोइड गेम भी लॉन्च हुए है जिनमें उंगलियों की सहायता से मोबाइल स्क्रीम में दिखने वाले फिजिट स्पिनर को घूमा सकते है। एप्पल प्ले स्टोर पर उपलब्ध ‘‘फिंगर स्पिनर’’ गेम ने प्रमुख प्रचलित अन्य सभी एप्पलिकेशन को पीछे छोड़कर सर्वाधिक लोकप्रियता हासिल की हैै।
फिजिट स्पिनर क्यों नहींः
पश्चिमी देशों की कई स्कूलों में फिजिट स्पिनर के ज्यादा उपयोग होने से बच्चों के पढ़ाई से ध्यान भटकने के कई कारण सामने आये है जिसके चलते कई स्कूलों में फिजिट स्पिनर ले जाने पर प्रतिबंध भी लगाया गया है। चूंकि कुछ फिजिट स्पिनर मेटल के बने होते है और थोडे भारी होते है, कई बार ये टॉय तेजी से घूमते हुए हाथ से फिसल सकते है, जिससे छोटे बच्चों के चोट भी लग सकती है, अतः इनके प्रयोग में सावधानी रखनी आवश्यक है। तीन वर्ष से छोटे बच्चे को भी फिजिट स्पिनर नहीं देना चाहिए। वैसे तो इसको टाइम पास एवं स्ट्रेस कम करने हेतु प्रसि़द्ध किया गया है, किन्तु यदि आप या आपके कोई नजदीकी को इसकी लत लग जाये तो ये तनाव का कारण भी बन सकता है।
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