फूड पॉइजनिंग होने पर अपनाएं ये घरेलू उपचार –  Food PoisoningTreatment, Symptoms, and Causes in Hindi

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फूड पॉइजनिंग होने पर अपनाएं ये घरेलू उपचार

हेलो दोस्तों आज की इस पोस्ट में हम आपको बताने जा रहे हैं फूड पॉइजनिंग के बारे में की फूड पॉइजनिंग क्या है, हमें फूड पॉइजनिंग कब और कैसे होता है तथा फूड पॉइजनिंग से बचने के कौन-कौन से उपाय है।

इसके साथ ही आप इस पोस्ट के माध्यम से यह भी जानेंगे कि फूड पॉइजनिंग का देसी इलाज क्या है।

1- फुड पॉइजनिंग क्या है:-What is food poisoning

आजकल के भाग दौड़ भारी जिंदगी में लोग अक्सर अपने खानपान का अच्छे से ध्यान नहीं रख पाते हैं जिसके कारण वह कभी-कभी खराब भोजन व दूषित भोजन का सेवन कर लेते हैं खराब भोजन व दूषित भोजन के कारण ही हमारे शरीर में पेट से संबंधित बीमारियां होती हैं जिसमें से एक फुड पॉइजनिंग है।

2- फूड पॉइजनिंग कैसे होता है।

फूड पॉइजनिंग, खाद्यय जनित बीमारी (फुड बॉन इल नेस) के नाम से भी जाना जाता है।
फुड पॉइजनिंग संक्रामक जीव जैसे- बैक्टीरिया ,वायरस और परजीवी द्वारा दूषित किए गए भोजन का सेवन करने से होता है।
फूड पॉइजनिंग होने का सबसे बड़ा कारण सेलमोनेला बैक्टीरिया होता है यह बैक्टीरिया ज्यादातर अधपक्के नॉनवेज फूड में पाया जाता है। जैसे अंडा व चिकन आदि। इसके अलावा ई कोलाई बैक्टीरिया भी इसका कारण बन सकता है। यह ज्यादातर सलाद में पाया जाता है। इसके अतिरिक्त कुछ अन्य बैक्टीरिया भी होते हैं जैसे कैफिलोबैक्टर और बोटुलिनम बैक्टीरिया जिससे फुड पॉइजनिंग होने की संभावना होती है।
बैक्टीरिया के साथ-साथ कुछ ऐसे वायरस भी होते हैं जैसे-(सैपो वायरस, रोटावायरस, एसेस्ट्रो वायरस , तथा नोरा वायरस) जिनके कारण भोजन विषाक्तता हो सकती है जिसमें से हर साल नोरा वायरस के कारण लाखों की संख्या में फूड प्वाइजनिंग के मामले सामने आते हैं।

3- फूड प्वाइजनिंग होने का कारण:-Reason of Food Poisoning

फुड पॉइजनिंग दूषित भोजन करने से होता है
जैसे-
– बाजार से लाई गई फल व सब्जियां को गंदे पानी से धोने अथवा खाना बनाते समय गंदे पानी का प्रयोग करने से फूड पॉइजनिंग होने की संभावना होती है
– कई दिन अथवा कई समय पहले का बासी खाना खाने से फूड प्वाइजनिंग होता है।
– खाने के सामान को ढक के ना रखने से तथा गंदे मक्खियो के बैठ जाने से भी भोजन दूषित हो जाता है।
– ज्यादातर हाईवे पर होटल व ढाबा में लोग खानों को ढक के नहीं रखते हैं जिसके कारण से सड़क के उड़ती धूल तथा गंदी मक्खी खाने पर बैठ जाती हैं जिससे अनेक हानिकारक जीवाणु खान में पहुंच जाते हैं तथा इस प्रकार का भोजन करने से भी हमें पेट संबंधित बीमारियां अथवा फूड प्वाइजनिंग होते हैं।
– लंबे समय तक घर में इस्तेमाल होने वाले पानी की टंकी को निरंतर रूप से सफाई नहीं होने के कारण पानी दूषित हो जाता है और इसे पीने से इस प्रकार की बीमारियां होने की संभावना होती है।
– वृद्ध, गर्भवती महिला बच्चों तथा जिनकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो उन्हें इस प्रकार के भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए।
– पॉल्ट्री व कच्चा मीट
– कच्ची व अधपक्की मछली व अंडे
– अनपश्चरसाइड जूस
– अनपश्चरिसाइड दूध तथा उसके उत्पाद
ऐसे भोजन का सेवन करना गर्भवती महिला व बच्चों के लिए फूड पॉइजनिंग होने का कारण बन सकते हैं।

4- फुड पॉइजनिंग के लक्षण:-Symptoms of Food Poisoning

भोजन को दूषित करने वाले स्रोत के अनुसार फूड पॉइजनिंग के लक्षण भी अलग-अलग होते हैं। फूड पॉइजनिंग के लक्षण खराब भोजन करने के कुछ घंटे बाद शुरू हो जाते हैं।
– जी- मिचलना।
– उल्टी आना।
– पेट में दर्द होना।
– दस्त लगना।
– बुखार आना।
– सिर दर्द होना।
– पेट में ऐठन होना।
– शरीर के अंदर का तापमान 101. 5F से भी ऊपर होना।
– मल में खून आना।
– तंत्रिका संबंधित लक्षण जैसे धुंधला दिखना, मांसपेशियों में कमजोरी और बाहों में झुनझुनी महसूस होना आदि।
– डिहाइड्रेशन के लक्षण जैसे अधिक प्यास लगना, मुंह का सुखा रहना, पेशाब का बंद होना या बेहद कम आना, अत्यधिक कमजोरी महसूस होना और सिर में चक्कर आना आदि।
5- फुड पॉइजनिंग से बचने के उपाय:-
फूड प्वाइजनिंग से बचने के बहुत ही उपाय सरल है जैसे:
– अपने हाथ व बर्तन को गुनगुने व गर्म पानी से अच्छी तरह धो लें।
– फल व सब्जियों को बाजार से लाने के बाद उसे कम से कम आधा या 1 घंटे पानी में रखें जिससे उस पर लगी गंदगी व बैक्टीरिया अच्छी तरह भूल जाए।
– भोजन को सामान्य तापमान पर पकाएं जिससे उसमें स्थित हानिकारक जीव मर जाए। सामान्य ताप का पता लगाने के लिए फूड थर्मोमीटर का प्रयोग कर सकते हैं।
– पके हुए खाने को कच्चे भोजन से दूर रखें।
– जल्दी खराब होने वाले भोजन को फ्रिज में रखें।
– अगर आपको किसी भी प्रकार के फुड व फल में कोई संदेह की स्थिति उत्पन्न हो तो ऐसे भोजन का सेवन ना करें।

6- फुड पॉइजनिंग के घरेलू नुस्खे: Treatment for Food Poisoning

फुड पॉइजनिंग के घरेलू नुस्खे कुछ इस प्रकार है जिनका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं है और जो हमें फूड पॉइजनिंग जैसे बीमारियों से बचाता है तथा साथ ही हमारे शरीर की इम्यूनिटी सिस्टम को भी बढ़ाता है तो आइए जानते हैं फूड प्वाइजनिंग जैसी बीमारियों से बचने के लिए घरेलू नुस्खे कौन-कौन से हैं:
– सिरके का इस्तेमाल करें।
– अदरक का रस पिये।
– दही का सेवन करें।
– नींबू पानी पिये।
– केला खाएं।
– सेब के सिरके का प्रयोग करें।
– तुलसी के रस के साथ शहद को मिलाकर पिएं।
– लहसुन को चाबचबा के खाए।
– एसेंशियल ऑयल का एक बूंद थोड़े से पानी में मिलाकर पिए।
– ज्यादा मात्रा में विटामिन सी का सेवन करें।
– आंवले का जूस पानी के साथ पिएं।
– निरंतर रूप से पानी का सेवन करें जिससे डिहाइड्रेशन होने की संभावना ना हो।
– और हल्के खाने का सेवन करें।

7- अगर आप को Food Poisoning हो तो ऐसे भोजन का सेवन ना करें:

अगर आपको फूड प्वाइजनिंग हो गया है तो आप ऐसे भोजन से दूर रहे जिससे आपको और नुकसान पहुंचे अथवा इस स्थिति में ऐसी कोई भी चीज ना खाएं जो आपके लिए हानिकारक हो जैसे:
– मसालेदार भोजन का प्रयोग ना करें।
– अधिक फाइबरयुक्त चीजे ना खाएं।
– दूध व दूध से संबंधित उत्पाद का सेवन ना करें।
– शराब व कैफीन से दूर रहें।
– इस दौरान तली हुई चीजों का सेवन ना करें।
– तथा ऐसे खाद्य पदार्थ व पेय पदार्थ से दूर रहें जिसमें वसा की मात्रा अधिक हो।

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