नवरात्र के इस त्योहार के मौके पर आज माता वैष्णो देवी की यात्रा करने वालों को बड़ा तोहफा मिलने वाला है। आज गृह मंत्री अमित शाह दिल्ली से कटरा के लिए वंदे भारत ट्रेन की शुरुआत करने वाले है।
श्री माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को भारतीय रेलवे ने बड़ा तोहफा दिया है। देश के गृह मंत्री अमित शाह 3 अक्टूबर को वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat Express) ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, दिल्ली से कटरा के बीच चलने वाली इस हाईस्पीड ट्रेन से आम आदमी 5 अक्टूबर से सफर कर पाएंगा।
इस ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इससे 8 घंटे में दिल्ली से कटरा के बीच का सफर तय होगा क्योंकि फिलहाल अभी दिल्ली से कटरा जाने में ट्रेन से करीब 12 घंटे का वक्त लगता है। ऐसे में वंदे भारत एक्सप्रेस के चलने से 4 घंटे का समय कम लगेगा।
वंदे भारत एक्सप्रेस नई दिल्ली से सुबह 6 बजे रवाना होगी और दोपहर 2 बजे कटरा रेलवे स्टेशन पहुंचेगी। कटरा से वापसी में यह ट्रेन उसी दिन दोपहर 3 बजे चलेगी और रात 11 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। यह सुपरफास्ट ट्रेन मंगवार को छोड़कर सप्ताह में 6 दिन चलेगी।
नई दिल्ली से कटरा के बीच यह ट्रेन अंबाला कैंट, लुधियाना और जम्मूतवी स्टेशन पर रुकेगी। वंदे भारत एक्सप्रेस की रफ्तार 130 किलोमीटर प्रति घंटे के करीब है। वंदे भारत ट्रेन में 16 कोच हैं, जिसमें बैठने के लिए 1128 सीट हैं। इसमें सामान्य चेयर कार के 14 डिब्बे हैं जिसमें 936 सीटें हैं, जबकि 2 एक्जीक्यूटिव चेयर कार डिब्बे में 104 सीटें हैं।
नई दिल्ली से कटरा तक का चेयरकार का किराया 1630 रुपये हैं, इसमें 1120 रुपये बेस फेयर, 40 रुपये रिवर्जेशन चार्ज, 45 रुपये सुपरफास्ट चार्ज और 61 रुपये GST है। जबकि कैटरिंग चार्ज के तौर पर 364 रुपये देने होंगे।
वहीं इस ट्रेन में एक्जीक्यूटिव चेयरकार के लिए यात्री को करीब 3015 रुपये चुकाने होंगे। इसमें 2337 रुपये बेस फेयर, 60 रुपये रिजर्वेशन चार्ज, 75 रुपये सुपरफास्ट चार्ज और 124 रुपये GST है। जबकि कैटरिंग चार्ज के तौर पर 419 रुपये चुकाने होंगे।
गौरतलब है कि देश की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस दिल्ली से वाराणसी के बीच चलती है लेकिन दिल्ली से कटरा के बीच चलने वाली वंदे भारत ट्रेन में कुछ बदलाव किए गए हैं। इसमें अधिक आरामदायक सीटें होने के साथ ही पैंट्री में अधिक जगह होगी।
वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन पूरी तरह से वातानुकूलित है और इसे बुलेट ट्रेन के आकार में डिजाइन किया गया है। कम ऊर्जा खपत और कम बजन होने के चलते यह डिब्बे स्लीपर कोच के लिए भी फिट होंगे।

















