आपको ये जानकार आश्चर्य होगा कि हमारे संविधान में धारा ३५A का कोई भी उल्लेख नहीं है लेकिन 14 मई सन 1954 को राष्ट्रपति के आदेश पर इसे भारतीय संविधान में शामिल किया गया. यह धारा जम्मू-कश्मीर की विधानसभा को यह अधिकार देता है कि वह किसी को भी स्थायी नागरिक घोषित करें.
मनरेगा में अनियमितता और भ्रस्टाचार से सरकार से लेकर आम भारतीय हर कोई परेशान है , सरकारी बजट का बड़ा हिस्सा इसमें आवंटित होता है , इसमें व्यापत भ्रस्टाचार को हम तभी रोक सकते है जब हर भारतीय इसके लिए जागरूक हो जाये , आप मनरेगा में हुए किसी भी अनियमितता और भ्रस्टाचार की शिकायत Online दर्ज कर सकते है
लोक शिकायत विभाग केंद्रीय सरकार के कुछ विभागों से संबंधित मामलों से जुड़ी अनसुलझी शिकायतों पर कार्रवाई करवाने में मदद करता है। इन शिकायतों पर विभाग से जवाब मांगने तथा उनका समाधान करने में लोक शिकायत निदेशालय आपकी मदद कर सकता है।
प्रत्येक नागरिक सरकार को किसी ने किसी माध्यम से Tax देती है। यहां तक एक सुई से लेकर एक कार तक का टैक्स अदा करती है। सड़क पर भीख मांगने वाला भिखारी भी जब बाज़ार से जब क़ुछ खरीदता है, तो उस पर बिक्री कर, उत्पाद कर इत्यादि टैक्स देता है।इसी प्रकार देश का प्रत्येक नागरिक टैक्स अदा करता है और यही टैक्स देश के विकास और व्यवस्था की आधारशिला को निरन्तर स्थिर रखता है। इसलिए हर नागरिक को यह जानने का पूरा अधिकार है कि उसके द्वारा दिया गया पैसा कब, कहाँ, और किस प्रकार खर्च किया जा रहा है? इसके लिए यह जरूरी है कि सूचना को जनता के समक्ष रखने एवं जनता को प्राप्त करने का अधिकार प्रदान किया जाए|
सर्विस टैक्स की मनमानी की कंप्लेन Consumer फोरम के टोलफ्री नम्बर 1800-11-4000 पर भी दर्ज कराई जा सकती है।Consumer फोरम आप की पूरी हेल्प करेगा और 90 दिनों के अंदर न सिर्फ ब्याज सहित सर्विस टैक्स की वापसी कराएगा बल्कि मुकदमे का खर्च भी दिलवाएगा। आइये आप को बताते है की कैसे Consumer फोरम की website पर ऑनलाइन Complaint करें , इसके लिए आप से मामूली नाम मात्र का शुल्क भी लिया लता है जो की इस बात पर निर्भर करता है की आप ने कितने अमाउंट का कम्प्लेन किया है